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जानिये एक्सपायर होने वाली चीजों के बारे में | jaaniye expire hone wali chijon ke baare me



किसी भी सामान को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट हमेशा चेक कर लेनी चाहिए क्योंकि कभी कभी हम उन चीजों को बिना एक्सपायरी डेट देखकर ही खरीद लेते है और बाद में उनके परिणाम भुगतते है | इसलिए हमेशा चीजें खरीदते समय एक्सपायरी डेट देखकर खरीदने की अच्छी आदत डाल लेनी चाहिए |

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आज हम आपको इस लेख द्वारा एक्सपायर होने वाले सामान के बार में जानकारी देने जा रहे है | इसको पढ़ने के बाद आपको हमेशा उन चीजों की एक्सपायरी चेक करने के बाद ही खरीदें | आइये जानते है इस विषय से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में जो आपके सामने इस प्रकार है |

मसालें और आलू :

आलू का इस्तेमाल भारत देश के घर घर में रोजाना किया जाता है | अब तो यह हमारी जिदगी का अहम हिस्सा सा बन गया है | अगर आप आलू का प्रयोग करते है तो आपको जान लेना चाहिए कि ज्यादा समय तक आलुओं को स्टोर करने के बाद इस्तेमाल करने से कई तरह की परेशानी हो सकती है | एक निश्चित समय के बाद आलू भी एक्सपायर होने लगते है और इनके प्राकृतिक गुण खत्म हो जाते है |

इसके अलावा मसालों का इस्तेमाल भी एक्सपायरी को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए | अधिकतर विक्रेता मसालों को बंद डिब्बों से निकालकर खुले बर्तनों में रखकर उन्हें बेचते है | इस तरह से आपको उनके एक्सपायर होने की तारीख का पता नहीं चलता है | लेकिन आप जब भी मसाला खरीदने जाएँ तो बंद डिब्बे वाला मसाला लें और एक्सपायरी भी जांच लें |

चीज, अंडे और कॉर्नफ्लेक्स :

चीज भी बहुत जल्दी से एक्सपायर होने वाला सामान है इसलिए थोक विक्रेता से चीज खरीदते समय चीज के क्यूब खरीद लें |

इसके अलावा लूज अवस्था में खरीदे जाने वाले अंडे भी केवल तीन सप्ताह के अन्दर एक्सपायर हो जाते है | अगर आप जानना चाहते है कि अंडा एक्सपायर है या नहीं तो इसके लिए आप एक उपाय आजमा सकते है | एक अंडा लेकर उसे पानी में डाल दे अगर अंडा पानी में डूब जाये तो यह उपयोग किया जा सकता है लेकिन अगर अंडा पानी में तैरने लगे तो समझ जाना चाहिए कि अंडा एक्सपायर हो चूका है |

शराब की एक्सपायरी :

वैसे तो कहा जाता है कि शराब जितनी पुरानी हो जाए वो उतनी ही बढ़िया लगने लगती है लेकिन शराब की बोतल की भी एक्सपायरी डेट होती है | शराब की खुली हुई बोतल लगभग साल भर तक इस्तेमाल की जा सकती है इसके बाद इसको इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है | इसलिए शराब को लम्बे समय तक इस्तेमाल करने के लिए शराब की खुली हुई बोतल को किसी ठन्डे स्थान पर रख देना चाहिए |

कंडोम की एक्सपायरी :

कंडोम का इस्तेमाल भी बहुत बड़े स्तर पर किया जाता है | हालाँकि इससे मनुष्य का जीवन खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रहता है | कंडोम भी एक तारीख के बाद एक्सपायर हो जाता है और एक्सपायर होने के बाद इस्तेमाल किये गए कंडोम के फटने की समस्या हो सकती है या फिर इसका लुब्रिकेंट खराब होने लगता है |

बैंडेज और सैनेटरी नैपकिन :

सैनेटरी नैपकिन भी एक निश्चित तिथि के बाद एक्सपायर होने लगते है | इसलिए इन्हें खरीदने से पहले इनकी एक्सपायरी डेट भी चेक कर लेनी चाहिए | हालाँकि पुरानी बैंडेज का इस्तेमाल भी किया जा सकता है लेकिन इनकी भी एक्सपायरी डेट होती है | इसलिए अगली बार बैंडेज खरीदते समय इनकी एक्सपायरी डेट को चेक कर लेना चाहिए |

ऊपर दिए गए सामान खरीदने से पहले इनकी जांच जरुर कर लेनी चाहिए नहीं तो आपको कई तरह की स्वास्थ्य सम्बन्धी हानियाँ हो सकती है |








जानिये रक्तदान करने से होने वाले शारीरिक लाभों को | health benefit of blood donation



रक्तदान करने से हमारे शरीर को कई प्रकार के शारीरिक लाभ होते है लेकिन कुछ व्यक्ति ऐसा सोचते है कि रक्त दान करने से हमारे शरीर में कमजोरी आ सकती है या उनकी सेहत खराब हो सकती है | जबकि ऐसा कुछ नहीं है बल्कि इससे हमारे शरीर को अनेकों लाभ होते है जो हमें स्वस्थ और निरोगी बनाये रखने के लिए बहुत जरूरी होते है |

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रक्तदान से हमें फायदा होने के साथ साथ बाकी लोगो को भी बहुत फायदा हो सकता है क्योंकि भारत देश में बहुत बड़ी संख्या में लोग अनेकों बिमारियों से ग्रस्त है | साथ ही प्रतिवर्ष अनगिनत रोड एक्सीडेंट भी होते है जिनमे अनेकों लोगो की जान जाती है | इनमे से कुछ लोगो की जान बचाई जा सकती है लेकिन उनमे खून नहीं मिल पाने के कारण उनकी जिंदगी समाप्त हो जाती है | इसलिए हमें भी समय समय पर रक्तदान करना चाहिए ताकि किसी की जान बचाई जा सके |

आज हम आपको इस लेख द्वारा रक्तदान करने के फायदों के बारे में बताएँगे ताकि आप भी इस बात को जान सकें की आपके द्वारा किया गया एक छोटा सा प्रयास किसी के घर की खुशियाँ बचाने के लिए काफी होता है | आइये जानते है रक्तदान करने से होने वाले शारीरिक लाभों के बारे में जो आपके सामने इस प्रकार है :

रक्तदान (blood donation )करने के लाभ :

जब कभी आप रक्तदान करते है तो आपके शरीर से केवल 300 मि. ली. खून निकाला जाता है जिसकी पूर्ति आपका शरीर 24 से 48 घंटे के अन्दर कर सकता है | रक्तदान करने के बाद आपके शरीर में कोशिकाओं की वृद्धि बहुत तेजी से होने लगती है |

रक्तदान के बाद शरीर में लाल रक्त कणिकाएँ बनने के कारण शरीर में आक्सीजन के मात्रा में वृद्धि होने लगती है जिसके कारण शरीर में नयी उर्जा और स्फूर्ति आ जाती है |

नियमित रूप से समय समय पर ब्लड डोनेट करते रहने से बोनमेरो / अस्थिमज्जा क्रियाशील अवस्था में रहता है |

समय समय पर रक्तदान करने से आपको शरीर की बिमारियों का भी पता चल जाता है |

जिन व्यक्तियों का ब्लड ग्रुप ओ नेगटिव है उन्हें यूनिवर्सल डोंनर कहा जाता है इसका मतलब है कि वे अपना ब्लड किसी को भी दे सकते है |

रक्तदान से जुड़ी एक विशेष बात जिसकों शायद आप नहीं जानते होंगे कि आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट खून लगभग तीन व्यक्तियों की जिंदगी बचा सकता है |

कौन सा व्यक्ति रक्तदान कर सकता है :

रक्तदान करने के लिए सबसे पहले व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए | 18 से 68 के बीच की उम्र का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है |

रक्तदान करने के लिए किसी व्यक्ति का वजन कम से कम 45 किलोग्राम होना चाहिए |

रक्तदान करने वाले व्यक्ति में हिमोग्लोबिन 12 % से अधिक होनी चाहिए |

जो व्यक्ति रक्तदान करना चाहता है उसे किसी प्रकार के एंटीबायोटिक का सेवन लगातार नहीं करना चाहिए |

रक्तदान करने वाले व्यक्ति ने पिछले तीन वर्षों से जॉन्डिस या कोई बड़ा ऑपरेशन नहीं कराया हो |

कोई भी स्वस्थ व्यक्ति साल में तीन या चार बार रक्तदान कर सकता है इससे उसे कोई परेशानी नहीं होती है |

कौन से व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकते है :

किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकता है |

बच्चे को दूध पिलाने वाली महिला भी रक्तदान करने योग्य नहीं मानी जाती है |

पीरियड्स के दौरान भी कोई महिला रक्तदान नहीं कर सकती है |

रक्तदान करना हमेशा ही पुण्य का काम होता है क्योंकि इससे हमें फायदा मिलने के साथ साथ दूसरो की भी जान बचाई जा सकती है | ब्लड डोनेट करने से हमें अपने शरीर में होने वाले संक्रमण और बिमारियों का भी पता चल जाता है जिससे हम समय रहते उसका उपचार करा सकते है | इसलिए हमें क्षमतानुसार समय समय पर रक्तदान करके जरुरतमंदों की मदद करनी चाहिए |







कौन से ब्लड ग्रुप के अनुसार क्या खाना चाहिए | kaun se blood group ke anusar kya khana chahiye



कई बार लोगों को अपने वजन के अनुसार खानपान को लेकर चिंता बनी रहती है कि उन्हें क्या खाना चाहिये और क्या नहीं | इसी चिंता के रहते हुए उचित खानपान के कारण उनके शरीर का वजन भी अधिक होने लगता है | इसके बजाय आप अपने ब्लड ग्रुप के हिसाब से खानपान का चुनाव करें तो आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे आपको सही अनुमान हो जायेगा कि किस चीज से आपको फायदा होता है और किस चीज से नुकसान |

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आज हम आपको बताने जा रहें है कि किस ब्लड ग्रुप के लिए क्या आहार फायदेमंद है जो आपको वजन नियंत्रित करने और स्वस्थ रहने के लिए शक्ति प्रदान करते है | आइये जानते है इस विषय से जुड़ी कुछ खास बातें जो आपके सामने इस प्रकार से है :

ओ ब्लड ग्रुप के लिए फायदेमंद आहार :

ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों के लिए मीट, फिश, सी – फूड और सब्जियां व फल आदि बहुत लाभकारी रहते है | इनसे फाइबर, मिनरल्स और विटामिन उचित मात्रा में प्राप्त किये जा सकते है | इसके अलावा पास्ता और ब्रेड के सेवन से परहेज करने के लिए भी इन्हें विकल्प के तौर पर आजमाया जा सकता है |

इनके साथ साथ दानेदार अनाज और बींस कम मात्रा में सेवन करके लाभ लिया जा सकता है| ओलिव आयल या कद्दू के बीज का सेवन करके भी वजन नियंत्रित करने में आसानी रहती है | हरी पत्तेदार सब्जियां और फलों का सेवन करके उचित मात्रा में उर्जा प्राप्त करने के साथ साथ वजन घटाने में मदद मिलती है |

किन पदार्थों का सेवन ना करें :

ओ ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों को गेंहू और उससे बने अन्य पदार्थ, , राजमा, लोबिया, बंदगोभी, फूलगोभी, अंकुरित अनाज, सरसों के साग आदि के सेवन से परहेज रखना चाहिए | इनके अलावा डेयरी पदर्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए | इससे उनको लाभ होने की बजाय नुकसान हो सकता है |

ए ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तिओं के लिए फायदेमंद आहार :

ए ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों के लिए शाकाहारी भोजन का सेवन सबसे बढ़िया रहता है | इसके साथ साथ सब्जियां, दानेदार अनाज, अन्नानास , अखरोट, रसीले फल, नींबू, लहसुन, अदरक, हर्बल चाय, काफी आदि का सेवन करके भी अधिक से अधिक फायदा लिया जा सकता है |

वजन नियंत्रित करने के लिए आहार :

वेजिटेबल ऑयल, सोया फ़ूड, सब्ज़ियाँ, हरी पत्तेदार सब्ज़ी, अंडा, ऑलिव आयल, लौकी-कद्दू के बीज, पास्ता, नूडल्स, हर तरह की ब्रेड, लहसुन, प्याज, गोभी, गाजर, चिकन फिश आदि का सेवन करके वजन को घटाने में मदद ली जा सकती है |

किन चीजों से परहेज रखें :

रेड मीट, चिकेन, फिश, चीज़, काजू, बींस, गेहूँ, मक्का, राजमा, मशरूम, टमाटर, आलू, मिर्च, पास्ता, आम, पपीता, केला, नारियल, सिरका, नारंगी, सोडा आदि चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि इनसे नुकसान होने की संभावना बन सकती है |

बी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों के लिए उचित आहार :

बी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों के लिए मोजेरेला, चीज़ मटन, ऑलिव आयल, ब्राउन ब्रेड, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, केला, अंगूर, पपीता, आलू, आलूबुखारा, अदरक, रसभरी, हर्बल चाय आदि आहार उचित उर्जा देने वाले और स्वास्थ्यवर्धक माने जाते है | मछली चिकन का सेवन करके भी भरपूर फायदा लिया जा सकता है | इसके साथ साथ डेयरी उत्पादों व दूध तथा दूध से बनी चीजों का सेवन करके भी अधिक से अधिक फायदा लिया जा सकता है |

वजन नियंत्रित करने के लिए :

चाय व दूध से बने पदार्थों का सेवन करके वजन घटाने में मदद मिलती है | इसके अलावा साल्ट फ्री चीजों को खाने से भी वजन कम किया जा सकता है | नियमित रूप से रात के समय फलों का सेवन करके लाभ लिया जा सकता है |

किन चीजों से परहेज रखें :

बी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों को गेहूँ और कुट्टू का आटा,  बीज वाले फल और ड्राई फ्रूट्स आदि से परहेज रखना चाहिए | इनके अलावा चिकेन, आइसक्रीम, चीज़, काजू, कॉर्न, पिस्ता, नूडल्स, टमाटर, अंकुरित, अनार, नाशपाती के सेवन से परहेज करके भी किसी संभावित नुकसान की स्थिति से बचना चाहिए |

एबी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों के लिए उचित आहार :


दूध से बने पदार्थ , टोंड मिल्क और चीज का सेवन करके लाभ लिया जा सकता है | चावल का सेवन करके शरीर को उर्जा प्रदान की जा सकती है | विटामिन सी युक्त पदार्थों का सेवन करके कैंसर जैसे घातक रोग से बचाव करने में मदद मिलती है | सेंधा नमक और लाहौरी नमक का सेवन करके दिल सम्बन्धी रोगों का उपचार करने में मदद मिलती है |

वजन को नियंत्रित करने के लिए उचित आहार :

नियमित रूप से ताजा हरी सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करने से बहुत फायदा मिलता है साथ ही डेयरी उत्पादों का सेवन करके भी लाभ लिया जा सकता है | नारंगी, नींबू और खट्टे रसीले फल, गोभी, मशरूम, आलू, चेरी, हर्बल टी आदि को आहार में शामिल करके फायदा लिया जा सकता है |

किन चीजो का सेवन नहीं करना चाहिए:

एबी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों को अपने आहार में गेहूँ कॉफ़ी रेड मीट राजमा कॉर्न फ्लोर बीज वाले फल और सब्ज़ियाँ नहीं शामिल करनी चाहिए | इनके अलावा आम, अमरूद, नारियल, केला, सिरका, खजूर, सोडा, मूली के सेवन से भी परहेज रखना फायदेमंद होता है |

ऊपर दिए गए उपायों को ध्यान में रखकर आप वजन को नियंत्रित करने के साथ साथ शरीर को स्वस्थ और उर्जावान बनाने में सफल हो सकते है |














ये चीजें खाली पेट खाने से करती है नुकसान | ye chijen khaali pet khane se krti hai nuksaan



हमें स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए पौष्टिक चीजों का सेवन करना चाहिए | कुछ चीजे खली पेट खाने से फायदे होते है लेकिन कुछ चीजे खाली पेट खाने से नुकसान भी हो सकता है | कभी कभी हम भूख के कारण खाली पेट कुछ ऐसी चीजों जैसे दही, केला, कच्चे टमाटर आदि का सेवन करते है जो सही समय पर खायी जाएँ तो उनसे हमें बहुत फायदा होता है लेकिन खाली पेट खाने से उनसे फायदा होने की बजाय नुकसान होने की संभावना होने लगती है |

सुबह खाली पेट हल्का गर्म पानी पीने से हमारे शरीर को बहुत फायदा होता है लेकिन खाली पेट चाय या कॉफ़ी का सेवन करने से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है | आज हम आपको कुछ ऐसी ही चीजो के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें खाली पेट खाने या पीने से कई तरह के संक्रमण और बिमारियों की समस्या हो सकती है | इनमे से कुछ आपके सामने इस प्रकार से है :

सोडे का इस्तेमाल :

सोडे में अधिक मात्रा में कार्बोनेट एसिड होने के कारण खाली पेट इसका सेवन करने से मतली की समस्या हो सकती है | इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है |

टमाटर का सेवन :

टमाटर में भी अधिक मात्रा में एसिड होता है | इसी कारण खाली पेट टमाटर खाने से पेट में अघुलनशील जेल बनने लगता है और पेट में स्टोन बनने की समस्या हो सकती है | इसके अलावा पेट सम्बन्धी कई तरह की समस्याओं की सम्भावना भी हो सकती है |

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दवाओं का सेवन :

आपको बड़ी से बड़ी बीमारी होने पर भी डॉक्टर खाली पेट किसी दवा के सेवन की सलाह नहीं देते है | खाली पेट किसी भी दवा का सेवन करने से पेट में एसिड बनने लगता है और शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है | खाली पेट कोई दवा लेने से चक्कर आने की समस्या भी होने लगती है |

एल्कोहल का सेवन :

एल्कोहल का सेवन तो किसी भी समय आपको परेशानी में डाल सकता है क्योंकि इसके सेवान से हमेशा परहेज ही रखना चाहिए | लेकिन खाली पेट इसका सेवन करने से पाचन तन्त्र में गड़बड़ी होने लगती है | इसी कारण खाना पचाने में परेशानी होने लगती है तथा पेट में जलन होने की समस्या भी हो सकती है |

मसालेदार खाना :

खाली पेट रहकर मसालेदार खाना खाने से पेट में नेचुरल एसिड बन जाता है जिससे खाना पचाने में परेशानी होने लगती है | इसके अलावा पेट में ऐंठन होने की समस्या भी हो सकती है |

कॉफी का सेवन :

कॉफी में कैफीन नामक तत्व की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो खाले पेट लेने से हमारे शरीर को बहुत नुकसान करता है | खाली पेट कॉफी का सेवन करने से आपका शारीरिक संतुलन बिगड़ने लगता है | ऐसा होने पर आप एक गिलास पानी का सेवन करके लाभ ले सकते है |

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चाय का सेवन :

चाय का सेवन खाली पेट करने से शरीर को नुकसान हो सकता है क्योंकि इसमें में एसिड तत्व होता है | जिसका खाली पेट सेवन करने से पेट दर्द की शिकायत हो सकती है |

दही का सेवन :

दही से हमें अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक लाभ होते है और कई प्रकार की बिमारियों का उपचार करने में मदद मिलती है | इतने सारे फायदे होने के बाद भी खाली पेट दही का सेवन करने से पेट में दर्द होने के साथ साथ मरोड़ उठने की समस्या हो सकती है |

केले का सेवन :

केले का सेवन करने से मैग्नीशियम उचित मात्रा में लिया जा सकता है लेकिन खाली पेट केले का सेवन करने से शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम दोनों का संतुलन बिगड़ जाता है| इस समस्या से बचने के लिए सुबह खाली पेट केले के सेवन से परहेज करना चाहिए |

शकरकंद का सेवन :

शकरकंद का सेवन खाली पेट करने से गैस्ट्रिक एसिड की समस्या होने की सम्भावना रहती है | इसके कारण सीने में जलन होने की समस्या भी होने लगती है क्योंकि शकरकंद में टैन्नीन और पैक्टीन अधिक मात्रा में पाया जाता है |



ऊपर दिए गए खाद्य पदार्थ हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद और लाभकारी है तथा हमे रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान कराते है | लेकिन खाली पेट इनका सेवन करने से कई तरह की हानियाँ होने की संभावना भी होने लगती है | इसलिए हमें अपने शरीर को परेशानियों से बचाने के लिए खाली पेट इनके सेवन से परहेज करके लाभ लेना चाहिए |