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सर्दियों में दो दिन नहीं नहाने पर शरीर में होते है क्या बदलाव |



हमारे शरीर में दो तरह के बैक्टीरिया होते है जिनमे अच्छे और बुरे दोनों तरह के होते है लेकिन अगर आप कई दिनों तक शरीर की सफाई उचित रूप से नहीं करेंगे तो आपके शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते है |

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अगर आप किसी दूसरे मौसम में नियमित रूप से नहाते है तो इससे आपके शरीर में ज्यादा बदलाव नहीं होते है लेकिन सर्दियों के मौसम में ठण्ड होने के कारण आपको नहाने में समस्या होने लगती है जिसके कारण आपकी रोजाना नहाने की आदत बदलने लगती है | सर्दियों में रोजाना नहाने की बजाय कुछ लोग दो या तीन दिन में एक बार नहाते है इसी कारण उनके शरीर में कुछ बदलाव होने लगते है |

आमतौर पर हमारे शरीर पर लगभग एक हजार प्रकार के बैक्टीरिया होते है जिनमे लगभग 40 हजार बैक्टीरिया त्वचा पर फंगस की समस्या देते है | लेकिन अच्छे बैक्टीरिया की संख्या ज्यादा होने से वे बुरे बैक्टीरिया को शरीर पर प्रभाव डालने से रोकते है | लेकिन जब आप शरीर को सही तरीके से साफ नहीं रखोगे और दो दिन तक नहीं नहाओगे तो निश्चित ही आपके शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते है |

आइये जानते है कि सर्दियों में दो दिन तक नहीं नहाने पर हमारे शरीर में कौन कौन से बदलाव हो सकते है | इस विषय से सम्बंधित कुछ विशेष बातें आपके सामने इस प्रकार है :

स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएँ :

सर्दियों के समय दो दिन तक नहीं नहाने से शरीर को हानि पहुँचाने वाले बैक्टीरिया बढ़ने लगते है जिनके कारण कई तरह के संक्रमण होने की संभावना होने लगती है | इनमे आपको मुंह, नाक और आँखों से सम्बंधित संक्रमण हो सकते है | इसलिए इन सभी समस्याओं से बचने के लिए हमें नियमित रूप से शरीर की सफाई रखनी चाहिए | इसके हमें सर्दियों के मौसम में भी नियमित रूप से नहाना चाहिए |

हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ने लगते है :

जब आप शरीर की सफाई उचित रूप से नहीं करते है तो शरीर पर हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ने लगते है और उनके कारण शरीर के लिए लाभ देने वाले बैक्टीरिया कम होने लगते है | बुरे बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए अच्छी तरह से स्नान और साबुन का प्रयोग करने की जरूरत होती है इसलिए जब आप ऐसा नहीं करते है तो पसीना और गंदगी शरीर पर जमने लगती है | इसी कारण हानिकारक बैक्टीरिया की वृद्धि होने लगती है |

अगर हम बिना नहाये दिनभर चीजों को छूते है तो उनमे हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते है जिससे हमें नुकसान होने लगता है | इसलिए परेशानियों से बचने के लिए हमें सर्दियों में रोज नहाना चाहिए और शरीर को भी साफ रखना चाहिए |

शरीर से बदबू आना :

शरीर से पसीना आने पर जो बदबू आती है लोग मानते है कि ऐसा पसीने के कारण होता है लेकिन यह वास्तविक सच्चाई नहीं है | शरीर से बदबू आने का कारण प्रोटीन और फैटी एसिड का इस्तेमाल करने से निकलने वाली गैसों के कारण होता है | इनके कारण लगभग तीस तरह की बदबू आने लगती है |

इस तरह की समस्या होने से आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी ज्यादा नहीं होती है लेकिन समाज में शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ सकती है | इसलिए आपको इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए नियमित रूप से शरीर की सफाई रखने के साथ साथ नहाना भी चाहिए |

त्वचा ऑयली होने लगती है :

अगर सर्दियों में कोई व्यक्ति दो या तीन दिन नहीं नहाता है तो उसकी त्वचा ऑयली होने लगती है | इससे त्वचा पर आयल की मात्रा पहले से ज्यादा होने लगती है जिसके कारण आपकी त्वचा पर गंदगी आसानी से जम जाती है |

जब आप उचित रूप से शरीर की सफाई नहीं करते है तो आमतौर पर इस तरह की समस्याएँ होने लगती है | इसके साथ साथ बालों सम्बंधित परेशानी भी होने की संभावना बंनने लगती है |

इम्युनिटी सिस्टम में कमी होना :

अक्सर लोग सोचते है कि ठण्ड के मौसम में नहाने से लोगो बीमारी की चपेट में आ सकते है लेकिन ऐसा कभी नहीं होता है | अगर आप लम्बे समय से बीमार है तो आपको सर्दी के मौसम में नहाने से परेशानी हो सकती है | अगर आप स्वस्थ है तो सर्दी के मौसम में नहाना आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है |

नियमित रूप से सर्दियों में नहाने की आदत होने से इम्युनिटी पॉवर बढ़ने लगती है | इस सम्बन्ध में विशेषज्ञों के अनुसार शावर लेते समय अपनी बगल, कमर और त्वचा की सही तरीके से सफाई करनी बहुत जरूरी होती है | अगर आप इसमें लापरवाही बरतते है तो आपको कई बिमारियों के होने की संभावना हो सकती है | इसके अलावा अगर आप सर्दी के समय उचित रूप से शरीर की सफाई नहीं करते है तो आपकी इम्युनिटी पॉवर घटने लगती है|

ऊपर दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए हमें सर्दियों में अपने स्वास्थ्य का उचित रूप से ध्यान रखना चाहिए और इसे रोगों से बचाना चाहिए | इसके लिए नियमित रूप से स्नान और त्वचा की सही ढंग से सफाई बहुत आवश्यक है | इस तरह से कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप सर्दी के मौसम में अनेकों बिमारियों से बचने में सफल हो सकते है |





सर्दियों में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कौन से आहार लें | sardiyon me immunity badhane ke liye kaun se aahar len



भारत देश में जब भी मौसम बदलता है तो कई तरह की बीमारियाँ भी होने लगती है | सर्दी का मौसम आने पर भी हाल ऐसा ही रहता है | जैसे जैसे सर्दी का मौसम शुरू होता है वैसे ही सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार व साँस की समस्याएँ शुरू होने लगती है | इन सभी बिमारियों से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली मजबूत होनी चाहिए | इम्यून सिस्टम को मज़बूती प्रदान करने के लिए हमें सर्दियों के मौसम में अपने उचित खानपान पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए | इसके अलावा मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में भी बदलाव करना चाहिए तभी आप मौसम में बदलाव होने के बाद समस्याओं से बच सकते है |

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सर्दी के मौसम में सर्दी खांसी होने आम बात है और इनसे मनुष्य को ज्यादा खतरा भी नहीं होता है | कई बार ये बीमारियाँ स्वयं भी ठीक हो जाती है लेकिन कभी कभी समस्या गंभीर होने पर इनसे भी आपको परेशानी होने लगती है | सर्दियों में वैसे भी दिनभर आलस रहता है और दिन छोटे होने के कारण आपको इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए काफी मेहनत भी करनी पड़ती है |

डॉक्टर और दवाइयों के चक्कर में पड़ने से अच्छा है आप अपने इम्यून सिस्टम को ही मजबूत करके इन परेशानियों को दूर कर दो | अगर आप ऐसा करने में सफल हो जाते है तो कोई बीमारी आपके शरीर पर प्रभाव ही नहीं डाल पायेगी | आज हम आपको अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के घरेलू उपायों के बारे में बताएँगे साथ ही आपको अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है | आइये जानते है इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के कुछ खास उपायों और खानपान के बारे में जो इस प्रकार से आपके सामने है :

उचित मात्रा में प्रोटीन का सेवन :

ज्यादा समय तक बीमार रहने वाले व्यक्तियों को अपने आहार में उचित मात्रा में प्रोटीन युक्त आहार लेने चाहिए | प्रोटीन से शरीर को भरपूर मात्रा में एंटीबॉडीज की प्राप्ति होती है | इसलिए आप प्रोटीन से बने ज्यादा से ज्यादा आहार अपने खानपान में नियमित रूप से शामिल कर लें और अपने इम्यून सिस्टम को अधिक से अधिक मजबूती प्रदान करें | इसके लिये आप अपने आहार में दालें, अंडे, मांस, डेरी उत्पाद, सोया, मछली आदि को शामिल करके उचित मात्रा में प्रोटीन की पूर्ति कर सकते है |

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अदरक और लहसुन का सेवन :

अदरक और लहसुन का सेवन आप किसी भी मौसम में करके अधिक से अधिक लाभ ले सकते है क्योंकि इनसे हमारे इम्यून सिस्टम को भरपूर ताकत मिलती है | लहसुन में प्राकृतिक रूप से एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल तत्व होते है जिनसे शरीर में एंजाइम की संख्या में वृद्धि होती है | ये एंजाइम खून को साफ करने में मददगार होते है | इसलिए हमें नियमित रूप से एक या दो लहसुन का सेवन करना चाहिए |

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अदरक का सेवन करके भी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद ली जा सकती है | इसके सेवन से लिम्फेटिक सिस्टम में वृद्धि होती है जिससे शरीर से विषाक्त कणों को बाहर निकालने में मदद मिलती है | सर्दी के समय में अदरक का सेवन करके शरीर को गर्मी प्रदान की जा सकती है |

विटामिन डी युक्त आहार :

सूर्य की रोशनी विटामिन डी का सबसे बड़ा स्त्रोत होता है जिससे हमारे इम्यून सिस्टम को आवशयक उर्जा प्रदान की जा सकती है जिसके कारण उसकी कार्यप्रणाली में भी सुधार होने लगता है | लेकिन कई बार धूप में ज्यादा समय तक रहने से त्वचा प्रभावित होने के कारण त्वचा से संबंधित कई तरह की समस्याएँ होने लगती है |

हालाँकि विटामिन डी की पूर्ति के स्त्रोत बहुत ही कम होते है जिनके द्वारा इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाया जा सकता है | इसलिए आप विटामिन डी से भरपूर खाद्यों का सेवन करके भी अपने इम्यून सिस्टम की कार्यप्रणाली को बेहतर बना सकते है |

ग्रीन टी का सेवन करके :

सर्दियों के मौसम में ग्रीन टी का सेवन करके स्वाद भी लिया जा सकता है और स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ भी लिया जा सकता है | ग्रीन टी का सेवन करने से हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान की जा सकती है क्योंकि ग्रीन टी में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है |

नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करने से वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव करने में मदद ली जा सकती है | इसलिए ग्रीन टी का अधिक से अधिक लाभ लेने और इम्यून सिस्टम को उर्जा प्रदान करने के लिए दिन में तीन या चार कप ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए |

तुलसी का प्रयोग करके :

तुलसी अनेक गुणों का भंडार है | तुलसी का प्रयोग धार्मिक गतिविधियों में करने के साथ साथ स्वास्थ्यवर्धक लाभ लेने के लिए भी किया जा सकता है | तुलसी का सेवन करने से कई प्रकार के दर्द का निवारण करने के साथ साथ इम्यून सिस्टम को भी आवश्यक उर्जा प्रदान की जा सकती है क्योंकि तुलसी में उचित मात्रा में एंटीबायोटिक मौजूद होते है |

इसलिए सर्दियों के मौसम में नियमित रूप से सुबह चार या पांच पत्तों का सेवन करके अधिक से अधिक लाभ लिया जा सकता है | इससे इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करने के साथ साथ सर्दी जुकाम और खांसी से राहत पायी जा सकती है |

खट्टे फलों का सेवन करके :

सर्दी के मौसम में खट्टे फलों का सेवन करके भी बहुत फायदा लिया जा सकता है तथा शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाया जा सकता है | खट्टे फलों जैसे संतरी, मौसंबी, नींबू, आंवला आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो हमारे शरीर को बिमारियों के प्रभाव से बचाने के लिए जरूरी होता है |

उचित मात्रा में विटामिन सी युक्त पदार्थ लेने से हमारी कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाई जा सकती है साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि की जा सकती है जिसके कारण सर्दी के मौसम में होने वाले सर्दी, खांसी व अन्य तरह के इन्फेक्शन से बचाव करने में आसानी रहती है | इसलिए सर्दी के मौसम में उचित मात्रा में खट्टे फल खाने चाहिए|

तनाव से बचे :

किसी भी मौसम और उम्र में तनाव की समस्या बहुत ही खतरनाक हो सकती है क्योंकि इससे मनुष्य को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशानी होने लगती है | सर्दियों के मौसम में तनाव की स्थिति होने से सर्दी, जुकाम के साथ साथ अन्य कई तरह की समस्याएँ होने लगती है | तनाव की समस्या से बचने के लिए व्यायाम आदि का प्रयोग किया जा सकता है साथ ही खानपान पर भी ध्यान देकर इसे दूर किया जा सकता है |

थोड़े समय तक तनाव होना आम बात है लेकिन हर समय तनावपूर्ण स्थिति होना बहुत नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे शरीर में स्ट्रेच हार्मोन की बढ़ जाता है जिसके कारण शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है | इसी वजह से हमारा शरीर बिमारियों की चपेट में रहता है | इसलिए तनाव की स्थिति से बचने के लिए उचित उपाय करने चाहिए |

रोजाना उचित व्यायाम करें :

सर्दियों के समय शरीर को रोगों से दूर रखने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम का सहारा लिया जा सकता है | नियमित रूप से सुबह शाम 30 मिनट तक व्यायाम या भाग दौड़ करके इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान की जा सकती है | साथ ही शरीर को अनेकों बिमारियों जैसे सर्दी – खांसी और फ्लू आदि के प्रभाव से बचाया जा सकता है | सर्दी के समय अगर व्यायाम करने की हालत में ना हो तो सुबह शाम टहलने जाना चाहिय इससे भी स्वास्थ्य सम्बन्धी कई तरह के लाभ लिए जा सकते है |

भरपूर नींद लेनी चाहिए :

भरपूर नींद लेने से हमें कई तरह के स्वास्थ्यवर्धक लाभ होने के साथ साथ इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करने में भी मदद ली जा सकती है | कभी भी कम समय जैसे 5 या 6 घंटे की नींद लेकर स्वस्थ और निरोगी नहीं रहा जा सकता है इससे कई तरह की अन्य बीमारियाँ जैसे मोटापा, अनिंद्रा और मधुमेह आदि समस्याएँ भी होने लगती है |

भरपूर नींद लेने से शरीर का उचित रूप से पोषण होने लगता है | इसलिए नियमित रूप से कम से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए | जब आप भरपूर नींद लेते हो तो स्वयं को फिट और चुस्त महसूस करते हो |

फ्रेंडली बैक्टीरिया :

कुछ खाद्यों में फ्रेंडली बैक्टीरिया पाए जाते है जो हमारे स्वास्थ्य को बहुत फायदा पहुंचाते है जैसे दही का सेवन करके | नियमित रूप से दही का सेवन करने से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में काफी मदद मिलती क्योंकि दही में अधिक मात्रा में प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पाए जाते है | ये बैक्टीरिया हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ साथ पाचन व्यवस्था को नियंत्रित करने में मददगार होते है |

इसके अलावा इनसे शरीर को अनेकों रोगों के प्रभाव से बचाने में भी मदद ली जा सकती है | इसलिए हमें सर्दियों के मौसम में दही को अपने आहार में शामिल करना चाहिए ताकि इम्यून सिस्टम को आवश्यक मजबूती प्रदान करने के साथ साथ शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाया जा सकें |


सर्दियों के मौसम में खानपान के साथ साथ कुछ बातों पर सावधानी रखने पर शरीर को सर्दियों के प्रभाव से बचाने में मदद ली जा सकती है | केवल अंदरूनी गर्मी प्रदान करने से काम नहीं चलता है बल्कि बाहरी तत्वों से भी शरीर को बचाना जरूरी होता है | सर्दियों के समय इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ साथ संतुलित आहार लें और फास्ट फूड तथा बासी खाना नहीं खाएं क्योंकि इससे आपका शरीर कई तरह की बिमारियों से ग्रस्त हो सकता है |

देशी तेल से पांच सेकंड में करें किसी भी दर्द को दूर | deshi tel se panch second me kre kisi bhi dard ko kre door


आज के दौर में भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति के शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक से दर्द होने लगता है जो आपको काफी परेशानी में डाल देता है | कई बार यह दर्द असहनीय हो जाता है जिसकी वजह से आप काम करना तो दूर की बात है चलने फिरने में भी असहज महसूस करने लगते है | साइटिका, रिंगन बाय, जोड़ों के दर्द, घुटनो के दर्द, कंधे की जकड़न, कमर दर्द आदि कुछ ऐसे ही दर्द है जो किसी भी व्यक्ति को कई दिन तक बेड रेस्ट करा सकते है तथा स्वस्थ व्यक्ति को भी बीमार सा बना देते है |

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इन सभी दर्दों को आप केवल चंद सेकंड्स में आसानी से दूर करने में सफल हो सकते है | इनके उपचार के लिए एक प्रकार के देशी तेल का इस्तेमाल करके लाभ लिया जा सकता है | आज हम आपको इस तेल को बनाने की विधि और प्रयोग के बारे में बताने जा रहे है जिसका प्रयोग करके आप बड़े से बड़े और पुराने दर्द को चुटकी में दूर कर सकते है | आइये जानते है इस खास तेल को बनाने और प्रयोग करने की विधि के बारे में जो आपके सामने इस प्रकार है :

तेल तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री :

सरसों या तिल का तेल 500 ग्राम, दालचीनी 25 ग्राम, कायफल 250 ग्राम और कपूर की 5  टिकिया आदि सामग्री लें |

कायफल क्या है :

कायफल पेड़ की छाल होती है जिसका रंग गहरा लाल होता है तथा यह आपको लगभग दो दो इंच के टुकड़ों में टूटी हुई मिलती है | यह आपको किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर आसानी से उपलब्ध मिल सकती है | कायफल को लेकर बारीक पीस लें क्योंकि यह जितना बारीक़ होती है उतनी ही गुणकारी भी मानी जाती है |

तेल तैयार करने का तरीका :

तेल को तैयार करने के लिए लोहे, पीतल या एल्युमिनियम की कड़ाही का इस्तेमाल किया जा सकता है | किसी एक धातु की कड़ाही में तेल डालकर गर्म कर लें | जब तेल पूरी तरह गर्म हो जाएँ तो उसमे बारीक पिसा हुआ कायफल चूर्ण डाल दें तथा आंच को थोड़ा धीमा कर दें | इसके थोड़ी देर बाद इसमें दालचीनी पाउडर भी मिला दें तथा जब चूर्ण खत्म हो जाएँ तो कड़ाही को आंच से नीचे उतार दें |

आंच से उतारने के बाद तेल को किसी साफ कपड़ें से छान लें तथा तेल ठंडा होने पर कपड़े को भी इसमें निचोड़ लें | ठंडा होने के बाद तेल को एक बार फिर से गर्म कर लें और इसमें कपूर की टिकिया का भी मिश्रण कर लें | अगर आप कपूर को बारीक पीसकर डालते है तो यह जल्दी से तेल में मिल जायेगा | इसके बाद तेल को आंच से उतारकर बोतल में डाल लें | कुछ दिन बोतल में रहने के बाद तेल में से लाल रंग अलग होकर नीचे बैठने लगता है इसके बाद तेल को दूसरी बोतल में डाल लेना चाहिए |

तेल का प्रयोग कैसे करना चाहिए :

अगर आप चाहते है कि तेल ज्यादा असरदारक हो तो इसके लिए साफ तेल में 25 ग्राम दालचीनी पाउडर को बिना पीसे ही मिला लें | तेल को छानने के बाद बचे हुए कायफल के चूर्ण को भी दर्द सेंकने के लिए इस्तेमाल करके फायदा लिया जा सकता है | यह चूर्ण बेकार नहीं होता है इसलिए इसे फैंकना नहीं चाहिए |

जिस जगह पर आपको दर्द महसूस होता है उस जगह पर तेल लगाकर हल्की हल्की मालिश करनी चाहिए | मालिश करते समय हाथ का दबाव ज्यादा नहीं डालना चाहिए तथा मालिश के बाद उसे सेंकना भी चाहिए | अगर आप अच्छी तरह सेंक नहीं करते है तो आपको उतना लाभ नहीं मिलेगा | मालिश करने से पहले आप पानी पी सकते है क्योंकि मालिश के दो घंटे बाद तक आपको ठन्डे पानी का सेवन नहीं करना है |


दोस्तों आज हमने आपके साथ बेहद खास जानकारी शेयर की है जो आपको बड़े से बड़े दर्द से निजात दिलाने में फायदेमंद साबित हो सकती है | इसलिए कभी भी किसी दर्द या तकलीफ में होने पर ऊपर दिए गए नुश्खे का इस्तेमाल करके आप समस्या के दौरान राहत ले सकते है |

नाखूनों को आकर्षक लुक देने के आसान तरीकें | Nail art tips to get beautiful nails




वर्तमान समय में सुन्दर दिखने के लिए केवल चेहरे और कपड़ो के अच्छा होने से काम नहीं चलता है इसके लिए आपको सिर से लेकर पैर तक प्रत्येक अंग को सुन्दर और आकर्षक बनाने की जरूरत होती है | बालों और चेहरे के साथ साथ हाथों की सुन्दरता को भी ध्यान में रखना बहुत जरूरी है |

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आज के समय में सुन्दर दिखने के लिए नाखूनों को भी आकर्षक लुक देना बहुत जरूरी हो गया है | नाखूनों को साधारण पेंट से रंगना ये बात बीते जमाने की हो चुकी है | वर्तमान समय में लड़कियां नाखूनों को रंगने के लिए एक्सपर्ट और डिज़ाइनर की मदद भी ले रही है | नाख़ून सुन्दर होने के बाद आपकी सुन्दरता और भी निखर जाती है |

आज हम आपको अपने नाखूनों को आकर्षक लुक देने के लिए कुछ खास तरीको के बारे में बताएँगे जिनसे आप अपने नाखूनों को पहले से ज्यादा शानदार लुक देने में कामयाब हो सकेंगी | नाखूनों को आकर्षक लुक देने के कुछ खास उपाय इस प्रकार है :

कोई भी रंग इस्तेमाल करें :

नाखूनों को रंगने के लिए आप किसी भी रंग का प्रयोग करके फायदा ले सकते है | नेल आर्ट के द्वारा आप अपने हाथों की सुन्दरता को पहले से ज्यादा खूबसूरत बना सकते है | नाखूनों को सजाने के लिए रंगों के साथ नग,  क्रिस्टल,  फूल,  पत्तियों,  स्टिकर का भी प्रयोग किया जा सकता है |

नेल आर्ट के अन्य तरीकें :

नाखूनों को खूबसूरत और शानदार लुक देने के लिए कई विधियाँ प्रयोग में लायी जा सकती है | इनमे नेल्स पर कोई आकृति बनाकर उसमे प्राकृतिक रंग भरकर फायदा लिया जा सकता है | नाखूनों को चमक देने के लिए ट्रांसपेरेंट ग्लिटर का इस्तेमाल किया जा सकता है | इसके अलावा डी फ्लावर, रेड रोज, यलो रोज, डॉटिंग, रोमांटिक रोज, स्टार नेल आदि डिजाइन देकर भी लाभ लिया जा सकता है | साथ ही कई प्रकार के प्रिंट्स जैसे स्वारोस्की, क्रिस्टल, ग्लिटर, टैटू और रेडीमेड फ्लावर प्रिन्ट आदि से भी नेल्स को अधिक सुन्दर बनाया जा सकता है | एक्रेलिक नेलपेंट का इस्तेमाल करके आर्टिफीशियल नाखूनों पर बनाया गया डिजाईन काफी समय तक रखा जा सकता है |

नाखूनों को रंगने तथा उन्हें आकर्षक लुक देने के लिए कई विधियां काफी पसंद की जा रही है जैसे थ्री डी नेलआर्ट में इस तरह के स्टीकर का इस्तेमाल किया जाता है जो लाइट में अलग अलग तरह के लगते है | नेल आर्ट की अन्य खास विधियों में नेल पिअरसिंग, नेल एंबेलिशमेंट, एयर ब्रश आर्ट, नेल पिक्स और नेल पेंटिग आदि शामिल है |

फ्रांस की नेल आर्ट :

हाल के दिनों में फ्रांस की नेल आर्ट को काफी पसंद किया जा रहा है | इस आर्ट में नाखूनों को ब्लंट शेप देकर सजाया जाता है | अगर आपके नाखून ज्यादा बड़े नहीं है तो उन्हें आर्टिफीशियल नाखून लगाकर ब्लंट शेप दे दी जाती है | इसके बाद फ्रांस सॉफ्ट व्हाइट जैल का प्रयोग करके परमानेंट लाइन बना दी जाती है तथा रॉयल पिंक जैल की कटिंग की जाती है | जैल से कटिंग करने के बाद नाखूनों को चमक (ब्राइटनेस) दी जाती है | इनको बार बार देखने के बाद भी आप असली नकली में अंतर नहीं बता सकते है |

दूसरे नंबर पर एग्जॉटिक नेलआर्ट का नाम आता है जिसमे नाखूनों पर फ्लोरल प्रिंट किया जाता है | इसमें नेल्स पर फूल और हरी पत्तियों का लुक दिया जाता है | इनके साथ ग्रे, ब्लैक और व्हाइट तिरछी लाइनों से नाखुनो को बोल्ड लुक दिया जाता है |

कीमत :

नेल आर्ट का लाभ लेने के लिए इसके लिए कीमत भी डिज़ाइनर के हिसाब से चुकानी पड़ती है | अलग अलग डिज़ाइनर इसके लिए अलग अलग कीमत भी वसूलते है | इसकी शुरुआती कीमत 200 रूपये है तथा नाम और काम के हिसाब से कीमत बढ़ती ही जाती है |

उदाहरण के तौर पर एयर ब्रश स्टाइल का प्रयोग करने के लिए 500 रूपये देने पड़ते है | यह कीमत और भी बढ़ जाती है जब आपके नाखूनों पर कुछ डिजाईन सूट हो या ना हो |

सावधानियां :

नेल आर्ट का इस्तेमाल मैनिक्योर और पैडिक्योर के बाद ही करने से फायदा होता है साथ ही दो चार दिन तक नेल पेंट का प्रयोग बंद करके ही नाखूनों पर डिजाईन बनवाना चाहिए |

नाखूनों में अधिक से अधिक निखार लाने के लिए बोल्ड रंग जैसे गोल्ड,  ब्लैक,  ग्रीन,  ब्लू आदि का इस्तेमाल करना चाहिए |


नाखूनों को आकर्षक लुक देने के लिए रंगों के अलावा नग,  स्टीकर,  क्रिस्टल करके भी लाभ लिया जा सकता है |


हमेशा अच्छी क्वालिटी के नेल पेंट का इस्तेमाल करना चाहिए |

नेल पेंट को साफ करने या हटाने के लिए नॉन एसिटॉन वाले रिमूवर का प्रयोग करना चाहिए|

हमेशा नैलपेंट करने से नाखून ठीक नहीं रहते है क्योंकि इन्हें उचित ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है | इसलिए इन्हें कुछ समय तक बिना नेल पेंट के भी रहने दें |



ऊपर दिए गए उपायों से आप अपने नाखूनों को आकर्षक लुक देने में सफल हो सकते है और अपनी सुन्दरता में चार चाँद लगा सकते है | हालाँकि नाखूनों को आकर्षक लुक देने के साथ साथ इनकी देखभाल भी जरूरी है | 

सफेद बालों को काला करने के घरेलू उपाय | safed balon ko kala krne ke ghrelu uapy



पहले के समय में जो लोग बूढ़े हो जाते थे केवल उन्ही के सिर के बाल सफेद दिखाई देते थे लेकिन आज के समय में छोटे छोटे बच्चे भी इस समस्या से ग्रस्त है | पांच छह साल के बच्चे के सिर के बाल सफेद होने लगे है | क्या वजह हो सकती है उम्र से पहले सफेद बाल होने की |

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सिर के बाल सफेद होने के कई तरह के कारण हो सकते है जैसे बालों की अच्छी तरह से देखभाल नहीं करना या फिर धूल मिटटी के कण सिर की त्वचा में जमने के कारण भी ऐसा हो सकता है | जब सिर पर सफेद बालों की संख्या ज्यादा बढ़ने लग जाये तब डाई और कलर का इस्तेमाल भी फायदेमंद नहीं रहता है क्योंकि इनका असर कुछ ही दिनों तक रहता है | इनके अलावा कुछ ऐसे घरेलू उपाय है जिन्हें प्रयोग में लाकर आप सिर के सफेद बालों को आसानी से काला कर सकते है |

आज हम आपको ऐसी ही कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताएँगे जिनसे आपको अधिक से अधिक लाभ मिलेगा | ऐसे ही कुछ उपाय आपके सामने इस प्रकार से है :

नारियल तेल में तुरई को डाल कर इसे काला होने तक गर्म करें | काली होने के बाद तुरई को निचोड़ कर बाहर निकाल लें और नारियल तेल को छान कर एक बोतल में डाल लें | रोजाना इस तेल को बालों में लगाने से सफेद बाल काले होने लगेंगे |

तिल के तेल का इस्तेमाल करके भी फायदा लिया जा सकता है | नियमित रूप से इसे खाने में लेने से कुछ ही समय बाद सफेद बालों की समस्या दूर हो जाएगी | तिल के तेल का इस्तेमाल करने से आपके बाल घने लम्बे और काले होने लगेंगे | महिलाओं को इस तेल से बहुत ज्यादा फायदा होता है |

शिकाकाई पाउडर या माइल्ड शैम्पू का प्रयोग करके सिर धोने से विशेष लाभ लिया जा सकता है |

एक कप पानी में चाय पत्ती डालकर उबाल लें और इसमें एक चम्मच नमक भी मिला लें | चाय पत्ती पानी से सिर धोने से बाल कुछ ही समय में काले होने लगेंगे | सर धोने से पहले चाय पत्ती को एक घंटे तक सिर में लगाकर अधिक से अधिक फायदा लिया जा सकता है |

आंवले को नारियल तेल में डाल लें और कुछ समय तक उबालते रहें | अच्छी तरह से उबलने के बाद इस मिश्रण आंच से उतार कर ठंडा होने दें | इस मिश्रण का लेप रात को बालों में लगा लें और सुबह उठकर सिर धो लें | इस उपाय को नियमित रूप से प्रयोग में लाने से अधिक से अधिक लाभ लिया जा सकता है |

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अदरक और शहद का इस्तेमाल करके भी सफेद बालों की समस्या को खत्म किया जा सकता है | इसके लिए अदरक और शहद का मिश्रण करके पेस्ट तैयार कर लें | रोजाना इस पेस्ट को बालों में लगाने से कुछ ही दिनों में फायदा होने लगेगा |

सफेद बाल होने की समस्या के दौरान राहत लेने के लिए सरसों का तेल बहुत गुणकारी रहता है | इसलिए हमें सरसों के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए |

नारियल तेल में नीम की पत्तियां डाल कर इन्हें काली हो जाने तक उबालते रहें | उबले हुए तेल को सफेद बालों की जड़ में लगा लें | रोजाना इस उपाय को आजमाने से कुछ ही समय में सफेद बाल काले होने लगेंगे |

नियमित रूप से आंवले के जूस का सेवन करके की सफेद बाल होने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है |

आंवले के रस के साथ बादाम तेल व नींबू का मिश्रण करके बालों में लगाने से बालों की चमकदार बनाया जा सकता है तथा बालों को सफेद होने से भी रोका जा सकता है |

एलोवेरा का इस्तेमाल नियमित रूप से करने से बालों के झड़ने की समस्या को दूर करने सी साथ सफेद बालों की समस्या से भी राहत मिलती है |

बच्चो में बाल सफेद होने की समस्या होने पर काली मिर्च और दही का इस्तेमाल करके समस्या को दूर किया जा सकता है | दही और काली मिर्च के मिश्रण की रोजाना सिर पर लगाने से कुछ ही समय में बाल काले होने लगेंगे |

बालों को काला और मजबूत करने के लिए गाय के घी को बालों की जड़ों में लगाकर लाभ लिया जा सकता है |

बालों को आकर्षक लुक देने के लिए मेहंदी और नारियल तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है | इनके मिश्रण का प्रयोग करके बालों का रंग डार्क-ब्राउन करके उन्हें आकर्षक लुक दिया जा सकता है |

सिर धोने से पहले पानी में नींबू का रस निचोड़ लें | इससे सिर धोने से बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है तथा बालों को काला बनाने में भी मदद मिलती है |

आंवले और आम की गुठली को बारीक पीस कर पेस्ट बना लें | नियमित रूप से इस पेस्ट को बालों में लगाने से बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है |

रोज मेरी का तेल तथा नीम के तेल को मिलाकर बालों में लगाने से सफेद बाल होने की समस्या से बचा जा सकता है |

प्याज का इस्तेमाल करके भी सफेद बालों की समस्या को दूर किया जा सकता है | इसके लिए प्याज के रस को बालों की जड़ में लगायें | कुछ समय तक इस उपाय को करने से जल्दी ही बाल घने और काले होने लगेंगे |

आंवला पाउडर और नींबू रस का मिश्रण करके पेस्ट बना लें | इस पेस्ट को नियमित रूप से कुछ दिनों तक सिर में लगाने से सफेद बालों की समस्या के दौरान राहत ली जा सकती है |

ऊपर दिए गए कुछ उपायों से आप सफेद बालों की समस्या को आसानी से दूर कर सकते है साथ ही बालों को काला करने में भी मदद मिलती है | इसके अलावा कुछ उपायों को रोजाना करने से बालों को चमकदार और आकर्षक लुक भी दिया जा सकता है | इसके लिए आपको कही बाहर जाकर पैसे खर्चने की जरूरत भी नहीं रहती है | इसलिए आप अधिक लाभ लेने के लिए ऊपर दिए गए उपायों में से किसी को भी इस्तेमाल करके फायदा ले सकते है |







शरीर को सुन्दरता और शक्ति प्रदान करने में आंवले के अनमोल फायदे | Amazing Health benefits of Amla



साधारण सा दिखने वाला आंवला गुणों का भंडार है जिससे सभी रोगों का अंत किया जा सकता है| रोगों को दूर करने के साथ ही शरीर को सुन्दरता और शक्ति प्रदान करने के लिए भी आंवला बहुत महत्वपूर्ण होता है| आंवला युवको को यौवन शक्ति प्रदान करने में सहायक होता है तथा उम्र में वृद्धि करने में भी मददगार होता है| आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है इसलिए हमें नियमित रूप से आंवले का सेवन करना चाहिए| आंवले के अन्य फायदे जो हमारे शरीर को अधिक से अधिक फायदा पहुंचाते है इस प्रकार है :


Amazing Health benefits of  Amla


1.      आंवला ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्तियों के लिए रामबाण का काम करता है|
2.      आंवले का सेवन करके अंडे से ज्यादा शक्ति प्रदान की जा सकती है|
3.      आंवला गर्भवती स्त्रियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है उन्हें इसका सेवन नियमित रूप से करना चाहिए|
4.      आंवले के चूर्ण को मूली के साथ सेवन करके मूत्राशय की पत्थरी सम्बन्धी समस्या को दूर किया जा सकता है|
5.      टूटी हुई हड्डियाँ जोड़ने के लिए आंवले का सेवन बहुत लाभदायक रहता है|
6.      आंवले के रस के साथ शहद मिलाकर सेवन करने से मधुमेह सम्बन्धी रोग ठीक किये जा सकते है|
7.      आंवले के रस का नियमित रूप से सेवन करने से आँखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है|
8.      नकसीर की समस्या होने पर आंवले का इस्तेमाल करके लाभ लिया जा सकता है| इसके लिए आंवले को रात को पानी में भिगो दें और इसके पानी से सिर को धो लें तथा इसके रस को नाक में टपका कर लाभ लिया जा सकता है|
9.      पाचन शक्ति बढ़ाने और पेट साफ़ करने के लिए आंवले के चूर्ण का सेवन करके लाभ लिए जा सकता है|
10.  नियमित रूप से आंवले के रस का सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म किये जा सकते है|
11.  अच्छे स्वास्थ्य के लिए आंवले के रस के साथ शहद मिलाकर साथ में दूध का सेवन करना चाहिए| इस उपाय का प्रयोग नियमित रूप से करने से स्वास्थ्य अच्छा होने के साथ साथ मन भी प्रसन्न रहता है| इससे चेतना और शक्ति में वृद्धि होती है|
12.  गले सम्बंधित समस्या जैसे गला बैठ जाने के दौरान आंवले की फली का सेवन करके फायदा लिया जा सकता है|
13.  गर्मी के मौसम में चक्कर आने की समस्या से निजात पाने के लिए आंवले का सेवन करना चाहिए|
14.  गर्भावस्था के समय में उल्टी होने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आंवले का सेवन किया जा सकता है|
15.  चेहरे से दाग धब्बे दूर करने के लिए आंवले के चूर्ण का उबटन चेहरे पर लगाकर लाभ लिया जा सकता है|
16.  वृद्दावस्था को दूर करके लम्बे समय तक युवावस्था बनाये रखने के लिए आंवले का सेवन करना बहुत फायदेमंद रहता है| इसके लिए नियमित रूप से 2 चम्मच आंवले का चूर्ण खाने के साथ सेवन करना चाहिए|
17.  आंवले का प्रयोग करके बाल काले किये जा सकते है| आंवले की खटाई को बालों की सफाई के लिए इस्तेमाल करके फायदा लिया जा सकता है| इसलिए नियमित रूप से आंवले का सेवन करके लाभ लेना चाहिए|

सर्दियों में आंवले के अनमोल फायदे :


वैसे तो आंवले का प्रयोग किसी भी समय करके लाभ उठाया जा सकता है क्योंकि यह हर मौसम में कारगर और गुणकारी साबित होता है और व्यक्ति को स्वस्थ व निरोगी बनाने में मददगार साबित होता है| लेकिन सर्दियों के मौसम में नियमित रूप से आंवले का सेवन करके विशेष रूप से लाभ प्राप्त किया जा सकता है क्योंकि इसमें पकने के बाद भी विटामिन सी विद्यमान रहता है जो हमारे लिए बहुत फायदेमंद होता है| इसके अलावा आंवले में अत्यधिक मात्रा में क्रोमियम नामक तत्व पाया जाता है| आंवला सुखा हो, हरा या ताजा हो इसमें गुण कभी खत्म नहीं होते क्योंकि इसकी अम्लता इसके गुणों की रक्षक होती है| आयुर्वेद के अनुसार आंवले को रसायन की संज्ञा दी गयी है| उदाहरण के तौर पर च्वनप्राश एक प्रसिद्द आयुर्वेदिक रसायन है जिसका इस्तेमाल लगभग प्रत्येक व्यक्ति करके लाभ प्राप्त करता है| इससे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति में वृद्धि होती है| इनके अलावा आंवले का सेवन ठण्ड के मौसम में करने से निम्नलिखित फायदे हो सकते है जो इस प्रकार है :

1.      त्वचा रोग, बाल तथा नेत्र रोग दूर करने के लिए आंवले का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन्स प्रचुर मात्रा में होते है जो रोगों का नाश करने में मददगार होते है|
2.      सुबह खाली पेट आंवले के रस का सेवन शहद और गर्म पानी के साथ करके मोटापे की समस्या से निजात पाई जा सकती है| जिन व्यक्तियों का शहद से परहेज है वे पांच आंवलो का रस गुनगुने पानी के साथ करके लाभ ले सकते है|
3.      आंवले से पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करने से साथ साथ किडनी को भी लाभ पहुँचाया जा सकता है|
4.      अर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आंवले का प्रयोग करना चाहिए|
5.      सर्दी, खांसी और जुकाम आदि बिमारियों से बचने के लिए आंवले का प्रयोग किया जा सकता है|
6.      एक ग्राम आंवला पाउडर और उचित मात्रा में चीनी मिलाकर एक गिलास पानी या दूध के साथ पीने से एसीडिटी की समस्या से निजात पाई जा सकती है|
7.      मोतियाबिंद की बीमारी को दूर करने के लिए आंवले के जूस को शहद के साथ मिलाकर लेने से राहत मिलती है|
8.      आंवले का नियमित रूप सेवन करके कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है साथ ही डायरिया जैसी समस्या से भी निपटने में मदद ली जा सकती है| इसके लिए खाने के साथ आंवला पाउडर, शहद और मक्खन का मिश्रण करके सेवन करना चाहिए|
9.      दिल से सम्बंधित बिमारियों तथा दिल की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करने ले लिए ठण्ड के मौसम में नियमित रूप से आंवले का सेवन करना चाहिए|
10.  डायबिटीज रोग को दूर करने के लिए आंवले का प्रयोग करके लाभ लिया जा सकता है|

11.  आयुर्वेद के अनुसार आंवले, गिलोय और गोखरू को बराबर मात्रा में लेकर एक प्रकार का चूर्ण तैयार किया जाता है जिसे रसायन चूर्ण का नाम दिया गया है इसका सेवन नियमित रूप से करने से बुढ़ापे की समस्या को लम्बे समय तक टाला जा सकता है|