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Akbar Birbal Funny Stories in Hindi|अकबर बीरबल के रोचक और मजेदार क़िस्से


Akbar Birbal Funny Stories in Hindi


बादशाह अकबर गुठलियाँ भी खा गए

आमो के मौसम में बादशाह अकबर बीरबल और अपनी रानियों के साथ बैठकर आम खा रहे थे | ठिठोली में बादशाह आम चूसते जाते और गुठली छिलके बेगम के गुठली छिलकों में डालते जाते| बेगम ने भी बादशाह की इस शरारत को चुपके से देख लिया था | लेकिन संकोचवश कुछ कहा नहीं|

अंत में जब सारे आम खत्म हो गए तो बादशाह बीरबल से बोले – ‘’ देखो बीरबल मैंने तो दो  चार आम ही खाए है , लेकिन बेगम साहिबा ने तो गुठली छिलकों का ढेर लगा दिया है | यह सुनकर बेगम साहिबा का सिर लज्जा से झुक गया | और बेगम साहिबा कुछ भी नहीं बोली – हाँ , लेकिन बीरबल की और किसी अच्छे जवाब की आशा में देखा जरुर |

बीरबल भी जवाब देने का मौका कब छोड़ते है, तपाक से बोले – ‘’ बादशाह सलामत , आम तो हम सबने बराबर ही खाए –यदि आपने अपने आम गुठली छिलकों सहित ही खा लिए तो इसे क्या कहा जाए | यह सुनकर बादशाह बुरा मान गए, लेकिन बेगम खुश हो गई |


हर समय तेज चाल

एक बार अकबर बादशाह ने अपने दरबारियों से सवाल किया – ‘’ सबसे तेज चाल ,हर समय किसकी है -? अर्थात वो कौन सी चीज है जो हर वक्त चलती रहती है , और तेज गति से चलती रहती है | ‘’
बादशाह का प्रश्न सुनकर जवाब में किसी ने हवा की गति को तेज बताया तो किसी ने सूरज –चाँद को , तो किसी ने नदी की धारा को तेज बताया | किसी का भी जवाब प्रमाण सहित न होने के कारण बादशाह को तसल्ली नहीं हुई |

सबसे आखिर में जब बीरबल की बारी आई तो बीरबल ने कहा – ‘’आलमपनाह , हर समय सबसे तेज चाल साहूकार के ब्याज की होती है , इस दरबार में सभी जानते है कि साहूकार का ब्याज हर समय चलता रहता है , इसलिए सबसे तेज चाल भी उसी की है यदि पांच साल में वह ब्याज दुगना हो जाता है तो दस साल में चार गुना हो जाता है |


बादशाह बोले – ‘’बिल्कुल सत्य कहा तुमने बीरबल ‘’,यदि साहूकार के ब्याज पर रोक न लगाई जाए तो उसकी चाल के लिए दिन दूना रात चौगुना वाली कहावत बिल्कुल सही सिद्ध होती है | 

Akbar Birbal Ke Majedar Kisse: Doodh Aur Paani | Milk and Water

अकबर  बीरबल के रोचक और मजेदार क़िस्से: दूध और पानी  
Akbar Birbal Story: Milk and Water


Akbar Birbal Ke Majedar Kisse: Doodh Aur Paani


एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा –‘’ हमारे प्रदेश की प्रजा बहुत सुखी और खुश है, राज्य में खुशहाली है , यह सब देखकर मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि हमारी जनता हमारे प्रति पूर्ण रूप से ईमानदार होगी, इस बारे में तुम क्या सोचते हो बीरबल ?

बीरबल बोले – राजनीति के हिसाब से जनता राजा से मिलने वाले दंड के कारण ही ईमानदार रहती है | वरना उसे जब भी बेईमानी करने का अवसर मिले तो वह मौका नहीं चुकती है |

बादशाह बोले – ‘’ मै नहीं  मानता ‘’|
बीरबल ने कहा –‘’ यकीन नहीं , तो परख कर देख लीजिए ....|’’
बादशाह बोले –‘’ तुम ही साबित करो ...’’|

बीरबल बोले  – आप मुझे एक फरमान लिखकर दीजिए –मै सारे नगर में एलान करवा देता हूँ कि राज्य में एक भोज आयोजित करने के लिए हुकूमत की और से दूध का प्रबंध किया जाना है – सभी नगरवासियों को आदेश दिया जाता है कि अमुक स्थान के हौज में रात आठ बजे से प्रात: चार बजे तक सभी एक – एक लोटा  लाकर डाले और हौज को भर दे |’’
    बादशाह का फरमान पुरे नगर में जारी कर दिया गया | फरमान के अनुसार सभी राजदरबारी भी एक –एक लोटा दूध डालने हौज में एक साथ गए | प्रजा रात में ही लोटा लेकर दूध डालने लगी | पर सभी दूध डालने वालो ने सोचा था कि बाकि सभी लोग तो दूध डालेंगे ही ऐसे में यदि वो एक लोटा पानी दाल देगे तो किसी को भी पता नहीं चलेगा |आखिर में परिणाम ये हुआ कि प्रातः जब हौज को देखा गया ओ वह भरी हुई तो थी लेकिन दूध से नहीं पानी से | पानी में हल्की –हल्की सी सफेदी थी और वो भी इसलिए थी कि दरबारियों ने एक साथ जाकर उसमे दूध ही डाला था |

जब बादशाह ने यह सब देखा तो वो दंग रह गए |

बीरबल ने कहा – देख लीजिए महाराज , इस हौज में सफेदी सिर्फ दरबारियों के डाले हुए दूध की है और वो भी इसलिए क्योंकि उन सभी ने एक साथ जाकर हौज में जाकर दूध डाला था यदि वो भी एक साथ दूध डालने नहीं जाते तो हौज में इतनी सफेदी भी नहीं दिखाई पडती | सारे हौज में पानी ही पानी होता |
इसलिए मै आपसे कहता हूँ कि “बिना राजदंड के कानून नहीं चलाया जा सकता” |

बीरबल की चतुराई की बादशाह अकबर ने बहुत प्रशंशा की |

Akbar Birbal Ke Majedar Kisse:Sab Se ujjwal Kya hai |What is the brightest?

अकबर  बीरबल के रोचक और मजेदार क़िस्से: सबसे उज्जवल क्या है?
Akbar Birbal Story: What is the brightest?

Akbar Birbal Story: What is the brightest?

एक बार बादशाह अकबर ने अपने दरबारियों से सवाल किया – ‘’सबसे उज्जवल क्या है ?’’
अबुल फजल फेजी ने कहा –“ दूध ’’, मुल्ला दो प्याजा बोले –“कपास ‘’
दरबार के आधे लोग फेजी के और आधे मुल्ला की तरफ हो गए अंत में बादशाह अकबर ने बीरबल को निर्णय करने के लिए कहा |

बीरबल ने जवाब दिया – हुजुर , न दूध और न कपास – सबसे उज्जवल है “प्रकाश’’
बादशाह बीरबल के इस जवाब से सहमत नहीं हुए |

बीरबल ने कहा –महाराज ,मै अपनी बात को सप्रमाण सिद्ध कर दूंगा | अगले दिन बादशाह जब दोपहर में अपने कक्ष में आराम कर रहे थे तब बीरबल ने चुपके से कमरे के दवार पर कपास और कमरे में जाकर दूध रख दिया और दरवाजा पहले की भांति बंद कर दिया |

बादशाह जब सोकर उठे तो कमरे में अँधेरा होने के कारण उनका पैर दूध के कटोरे को जा लगा |जब उन्होंने दरवाजा खोला तो उनके पैर के नीचे कपास आ गया | दरवाजे के बाहर जब उन्होंने बीरबल को हँसते हुए देखा तो वे  समझ गए की ये सारी करतूत बीरबल की है |

बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा – ‘’यह सब क्या है बीरबल ?"

बीरबल ने कहा – वही जो आप देख रहे है महाराज, मगर आपने ये सब तब देखा जब आपने दरवाजा खोलने पर प्रकाश से साक्षात्कार किया | इसीलिए तो मै कहता हूँ की सबसे उज्जवल न  तो दूध है और न ही कपास | सबसे उज्जवल तो “प्रकाश” है जो इन दोनों चीजो से हमे अवगत करता है |

Akbar Birbal Ke Majedar Kisse: Sab Se Bada Murkh Kaun | Who is Biggest Fool

अकबर बीरबल के रोचक और मजेदार क़िस्से: सबसे बड़ा मुर्ख कौन ?

Akbar Birbal Story: who is biggest fool?


Akbar Birbal Story: who is biggest fool


एक बार बादशाह ने  बीरबल को आदेश दिया की वो देश के सभी मूर्खो की सूचि बनाकर उनके सामने पेश करे | जिस दिन बादशाह अकबर ने यह अजीब सा आदेश दिया उसी दिन संयोग से अरब देश का एक व्यापारी कुछ अरबी घोड़ो के साथ बादशाह से मिलने के लिए आ गया | बादशाह को उस व्यापारी के घोड़े बहुत पसंद आए और उस व्यापारी से वैसे ही दो सौ और घोड़ो को लेन का सौदा कर लिया | बादशाह ने खुश होकर उसे एक हजार सोने की मुदाए इनाम के रूप में भी दी | व्यापारी खुश होकर चला गया |

कुछ दिनों के बाद बीरबल भी मूर्खो की सूचि बनाकर ले आया | बादशाह ने सबसे ऊपर अपना नाम लिखा देखकर, बीरबल से क्रोधित होकर बीरबल से पूछा – ‘’यह क्या है ? सबसे बड़ा मुर्ख मै कैसे हुआ ?

बीरबल ने जवाब दिया – उस दिन जब आपने उस घोड़े के व्यापारी को एक हजार सोने की मुद्राए इनाम के रूप में दी थी | तब आपने उससे उसका नाम पता कुछ भी नहीं पूछा था | और न ही उसे कोई जानता था , न ही कोई जमानतदार है | यह आपका मूर्खतापूर्ण कार्य ही तो था | वो व्यापारी आपकी एक हजार सोने की मुद्राए लेकर भाग गया और अब कभी  वापस नहीं आएगा |बादशाह को अपने दवारा की गई गलती पर बहुत अफसोस हुआ |

फिर बादशाह ने बीरबल से कहा –  मान लो वह दो सौ घोड़ो को लेकर आ गया तो .......
"तब मै आपका नाम काटकर आपकी जगह उसका नाम लिख दूंगा |" बीरबल ने हंसकर कहा |


Akbar Birbal ke majedar kisse:Khoje ki teen sawaal | Akbar Birbal Story: Khoja Three Questions

अकबर बीरबल के रोचक और मजेदार क़िस्से: खोजा के तीन सवाल

 Akbar Birbal Story: Khoja Three Questions

बादशाह अकबर के राजमहल में एक मुह्लगा बुद्धिमान खोजा [हिजड़ा ]था | उसका काम जनानखाने की देख –रेख करना था | बेगमो के साथ वह परदे की आड़ से बीरबल की बुद्धिमता की बाते सुना करता था और मन ही मन जलता था | बादशाह का मुह्लगा होने के कारण एक दिन उसने कहा – कि वो बीरबल से तीन सवालों के उत्तर चाहता है | यदि बीरबल उसके सवालों के जवाब दे देगा तो वो उनकी बुद्धिमता को स्वीकार कर लेगा |
बादशाह ने उसे इजाजत दे दी |


Akbar Birbal Story: Khoja Three Questions

खोजा ने दरबार में सबके सामने बीरबल से तीन सवाल किये –

१ इस पृथ्वी का बीच कहाँ है ?
२ आकाश में कितने तारे है ?
३ जमीन पर कितने मुर्दे है ?

खोजा के सवालों को सुनकर बीरबल मन ही मन मुस्कराए | बीरबल ने भी सोचा की जेसे खोजा ने सवाल किये है वैसे ही उतर देने चाहिए | बीरबल ने उठकर बादशाह अकबर से कहा की –शहंशाह पहले सवाल का जवाब ये है की –
‘’जमीन का बीच यहाँ है ‘’ बीरबल दो कदम पीछे हटे और जमीन पर एक जगह पैर रखते हुए बोले –"यदि खोजा को विश्वास न हो तो वो सारी पृथ्वी को नाप कर देख सकता है |”
खोजा चुप रहा – क्योकि सारी पृथ्वी को नापना उसके वश की बात नहीं थी |

बीरबल बोले दुसरे सवाल का जवाब ये है की – खोजा के सिर  में जितने बाल है, आकाश में उतने ही तारे है | यदि खोजा को यकीन न हो तो वो अपने बाल गिनकर देख ले | 
खोजा फिर चुप रह – भला सिर के बाल गिनना उसके वश में कहाँ था |

आलमपनाह खोजा के तीसरे सवाल जमीन पर कितने मुर्दे है | का जवाब यह है की मैने कई बार जमीन पर मरने वालो की गिनती करने की कोशिश की किन्तु हर बार इन हिजड़ो के कारण मर्द और औरत की गिनती में अंतर आ जाता है | मै आज तक यह तय ही नहीं कर पाया हूँ, कि इन हिजड़ो को किस तरफ की गिनती में रखा जाए | अब अगर इन हिजड़ो को मरवा दिया जाए तो यह गिनती सही हो जाएगी |
बीरबल की बात सुनते ही हिजड़ा शर्मिंदा होकर जनानखाने की और भाग गया और अपनी हार मान ली |